मधुमेह (शुगर, डायबिटीज) के कारण लक्षण और उपचार ! Diabetes in hindi-

मधुमेह (शुगर, डायबिटीज) के कारण लक्षण और उपचार ! Diabetes in hindi-

मधुमेह के आरंभ के समय बहुत भूख लगती है ! परंतु धीरे-धीरे भूख मंद होती जाती है ! शरीर की त्वचा सूखी और छूने पर रूखी खुरदूरी प्रतीत होती है ! दांत की जड़ (मसूड़ों) में सूजन होती है ! और उनसे खून निकलने की समस्या होती है ! यह प्रायः उन लोगों को होता है जो शारीरिक श्रम नहीं करते हैं ! गलत खानपान और पैंक्रियाज, यकृत या क्लोम ग्रंथियों के कार्यों में कमी आ जाने से भी मधुमेह हो जाया करता है ! अधिक मानसिक परिश्रम चिंता उत्तेजना और कुछ संक्रामक ! रोग जैसे डिप्थीरिया, मलेरिया, इनफ्लुएंजा, टॉन्सिलाइटिस के बाद भी मधुमेह हो सकता है !

मधुमेह रोग बढ़ने के साथ ही साथ फेफड़े हृदय किडनी आदि की कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है ! मधुमेह रोग होने पर मूत्र का आपेक्षिक गुरुत्व 1060 से ऊपर हो जाना आदि लक्षण प्रदर्शित होते हैं ! साथ ही पैरों में सूजन एवं खून की कमी भी होती है ! मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो एक बार होने के बाद पूरी तरह ठीक नहीं होती है ! जीवन भर दवाओं और इंसुलिन पर निर्भरता बनी रहती है !

मधुमेह क्या है ! what is diabetes-

आप जो भी मीठी चीजें खाते हैं वह शर्करा (ग्लूकोज) में परिवर्तित होकर ! शरीर में ऊर्जा और ताप को बनाए रखने में मदद करती हैं ! परंतु जब किसी कारण से पैंक्रियाज द्वारा इंसुलिन नामक हार्मोन का निर्माण नहीं हो पाता है ! या कम मात्रा में होता है तब ऐसी स्थिति में खाई गई मीठी चीजों का पाचन अच्छी तरह नहीं हो पाता है इसी वजह से यह ग्लूकोज में परिवर्तित नहीं होती हैं ! और यह ब्लड में मिलने लगती है और उसके बाद पेशाब के द्वारा बाहर निकलने लगती हैं ! पेशाब अधिक मात्रा में होने लगता है और पेशाब के साथ शक्कर भी बाहर निकलता है ! मधुमेह स्त्रियों के अपेक्षा पुरुषों को अधिक होता है साथ ही गांव की अपेक्षा ! यह शहरों में अधिक होता है खासकर मध्य आयु वाले एवं वृद्धों को अधिक होता है ! अर्थात मधुमेह रोग 40 से 60 वर्ष की उम्र वालों को अधिक होता है !

मधुमेह के प्रकार ! types of diabetes-

मधुमेह मुख्यतः तीन परिस्थितियों में इंसुलिन सिक्रेसन के डिसऑर्डर के रूप में हमारे शरीर में प्रारंभ होता है

1- डायबिटीज टाइप वन ! diabetes type1-

इस परिस्थिति में मनुष्य के शरीर में पैंक्रियाज द्वारा इंसुलिन कम मात्रा में बनता है या एकदम नहीं बनता है ! ऐसी स्थिति को डायबिटीज टाइप वन कहते हैं ! ऐसी स्थिति में शरीर को बाहर से इंसुलिन की आवश्यकता होती है ! जिसे इंजेक्शन द्वारा इंसुलिन देकर पूरा किया जाता है ! ऐसी डायबिटीज दवाओं द्वारा नियंत्रित नहीं होती है ! इस प्रकार की डायबिटीज बहुत कम लोगों में पाई जाती है !

2- डायबिटीज टाइप टू ! diabetes type2-

ऐसी परिस्थिति में पैंक्रियाज द्वारा इंसुलिन कम मात्रा में बनता है ! या इंसुलिन पूरी तरह तो बनता है ! परंतु किसी कारणवश यह ब्लड में कम मात्रा में पहुंच पाता है ! इस प्रकार के मधुमेह को टाइप टू डायबिटीज कहते हैं ! इसे दवाओं द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ! इस प्रकार का डायबिटीज ज्यादातर लोगों को प्रभावित करता है !

3- गर्भावस्था में होने वाला मधुमेह ! gestational diabetes-

मधुमेह का यह प्रकार गर्भावस्था के समय गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है ! गर्भावस्था के समय महिलाओं में विभिन्न हार्मोन की बढ़ोतरी होती है जिनमें से कुछ हार्मोन इंसुलिन के प्रति रोधक होते हैं ! जिसकी वजह से गर्भवती महिलाओं को शुगर का स्तर बनाए रखने के लिए अधिक इंसुलिन की जरूरत पड़ती है ! यह टाइप टू डायबिटीज के समान होता है जो दवाइयों से नियंत्रित किया जा सकता है ! ज्यादातर यह गर्भावस्था के आखिरी महीनों में गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है !

मधुमेह (शुगर, डायबिटीज) के कारण लक्षण और उपचार ! Diabetes in hindi-

मधुमेह के कारण ! causes of diabetes :

शारीरिक परिश्रम कम करने और मानसिक परिश्रम ज्यादा करने से जैसे चिंता, उत्तेजना, डिप्रेशन इत्यादि से पैंक्रियाज नामक ग्रंथि शिथिल पड़ने लगती हैं ! और इंसुलिन नामक हार्मोन का निर्माण कम मात्रा में या फिर एकदम नहीं होता है ! जिसकी वजह से ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती हैं ! इसके अलावा कुछ संक्रामक रोग जैसे डिप्थीरिया, मलेरिया, इन्फ्लूएंजा influenza/,टॉन्सिलाइटिस इत्यादि रोग होने के कारण मधुमेह हो सकता है ! अधिक शराब एवं धूम्रपान का सेवन, अधिक शर्करा युक्त भोजन का सेवन यकृत या क्लोम ग्रंथियों के कार्यों में कमी के कारण भी मधुमेह होता है ! मधुमेह स्त्रियों के अपेक्षा पुरुषों को अधिक होता है खासकर 40 से 60 साल की उम्र वालों को मधुमेह अधिक होता है !

मधुमेह के लक्षण ! symptoms of diabetes :

मधुमेह की शुरुआत में भूख और प्यास अधिक लगती हैं ! फिर धीरे-धीरे भूख मंद होती जाती है शरीर की त्वचा सूखी और छूने पर खुरदरी महसूस होती है ! मसूड़ों में सूजन होती है और उनसे पस या खून निकलने की समस्या हो सकती है ! मधुमेह में कब्ज बनती है एवं पेशाब बार-बार करने की इच्छा पड़ती है ! आंखों की रोशनी कम होना मधुमेह होने पर शरीर में खुजली त्वचा रूखी कमजोरी और वजन तेजी से घटने लगता है ! इसके बाद पैरों में सूजन होती है और शरीर धीरे-धीरे क्षीण हो जाता है ! स्त्रियों के रोग में स्त्री अंग में खुजलाहट के साथ पूरे शरीर में खुजली होती है !

पथ्य !

मांस, अंडे, मछली आदि का शोरबा ( मांस नहीं) घी, मक्खन, पनीर, टोस्ट, ताजी साग सब्जियां जैसे कद्दू , मूली, पालक, तोरई, करेला, परवल, लवकी, सेम, गूलर, मान कंद, मूली, मटर कि छिमी, लिसोड़ा आदि का सेवन करना चाहिए ! फलों में आम, अनार, सेब, जामुन, जामरूल, ( बंगाल का सफेद जामुन) नाशपाती, संतरे, मुसम्मी, आदि फल खाने चाहिए ! साथ ही कागजी नींबू का रस एवं सेंधा नमक पानी में मिलाकर पिए ! चने और जवा युक्त चोकर की रोटी खानी चाहिए ! चावल का पूर्णतया त्याग कर देना चाहिए ! साथ ही सेंधा नमक का प्रयोग करना चाहिए ! शरीर के पोषण के लिए मधुमेह के ग्रसित व्यक्ति को पर्याप्त प्रोटीन वाले भोजन करना चाहिए !

 मधुमेह

अपथ्य !

मधुमेह में नए सफेद चावल, आलू, शीतल जल, बर्फ, शीतल द्रव्य, मीठे पदार्थों एवं कार्बोहाइड्रेट का सेवन नहीं करना चाहिए ! धूप में घूमना और अधिक परिश्रम युक्त कार्य भी नहीं करना चाहिए ! खाने में मैदा, शक्कर, गुड़, चीनी, मांस, तेल, बैंगन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए ! साथ ही धूम्रपान, शराब एवं सफेद नमक का सेवन नहीं करें !

स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं !

नित्य सुबह शाम टहलना या हल्का व्यायाम करने के बाद हल्के तेल मालिश करना अति उपयोगी होता है ! क्योंकि इससे पेशाब में शुगर की मात्रा घटती है जीवन भर खाने पीने के विषय में सावधान रहिए ! कभी भी ज्यादा समय तक बैठकर कोई कार्य ना करें ! धूम्रपान और शराब का सेवन बिल्कुल भी ना करें ! एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर ब्लड में शुगर की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है !

घरेलू उपचार ! home remedy of diabetes !

करेले का रस !

प्रातः काल सुबह सुबह खाली पेट कम से कम तीन करेले का रस निकालकर पिए ! साथ ही करेले की सब्जियां एवं सलाद की मात्रा रोज के खाने में बढ़ाएं इसके सेवन से मधुमेह में आराम मिलता है !

दालचीनी !

दालचीनी में बायो एफडी कंपोनेंट होते हैं जो मधुमेह के मरीज की शुगर को नियंत्रित कर सकते हैं ! 23 दालचीनी के टुकड़ों को एक गिलास पानी में उबालकर रोज पिएं !

एलोवेरा !

ऐलोवेरा में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो मधुमेह को कंट्रोल करने में मदद करते हैं इसको इस प्रकार सेवन करें एक चम्मच एलोवेरा जेल आधा चम्मच तेजपत्ता पाउडर और चुटकी भर हल्दी मिलाकर रोज सुबह शाम इसका सेवन करें !

मेथी !

मेथी में हाइपोग्लाइसेमिक प्रॉपर्टीज होती हैं ! जो ब्लड शुगर को नियंत्रित कर सकती हैं एक गिलास पानी में दो चम्मच मेथी दाना भिगोकर रात में रख दें इस पानी को रोज सुबह खाली पेट पिऐं ! बाद में मेथी दाने को चबाकर खा जाएं ! मेथी दाना ग्लूकोज टोलरेंस को बढ़ाती है साथ ही कार्बोहाइड्रेट और शुगर को अवशोषित करती है !

जामुन !

जामुन के बीज का चूर्ण 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण 5 ग्राम तथा चंद्रप्रभा वटी 5 ग्राम इन तीनों को मिलाकर तीन खुराक बनाएं ! इसे सुबह-शाम फीके दूध के साथ सेवन करें यह नुस्खा शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक है !

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