Typhoid fever :  मियादी बुखार के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार !
Blood sample with typhoid positive

Typhoid fever : मियादी बुखार के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार !

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टाइफाइड बुखार को मियादी बुखार भी कहते हैं ! यह सालमोनेला बेसिलस टाईफोसिस नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है ! Typhoid fever के बैक्टीरिया अधिकतर रोगी के मल या यूरिन द्वारा शरीर से बाहर निकलते हैं ! यहां से यह किसी प्रकार से या मक्खियों द्वारा खाने पीने की चीजों में पहुंचते हैं ! या कुआं और तालाबों के पानी में कीड़ों के पहुंचने से वह पानी दूषित हो जाता है ! और इन्हीं दूषित खाने पीने की चीजों का प्रयोग करने से मनुष्य बीमार हो जाता है ! इसी तरह यह बीमारी फैला करती है ! इस बीमारी के बैक्टीरिया स्वस्थ शरीर में पहुंचने के 2-3 सप्ताह बाद इस रोग के लक्षण आते हैं ! इस…

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Pneumonia in hindi : निमोनिया के कारण लक्षण और बचाव !

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फेफड़ों के तंतुओ के प्रदाह को निमोनिया कहते हैं ! यदि एक फेफड़े पर निमोनिया हो तो उसे सिंगल निमोनिया कहते हैं ! और यदि दोनों फेफड़ों पर रोग का हमला हो तो उसे डबल निमोनिया कहते हैं ! यह एक बैक्टीरिया जिसका नाम स्ट्राइपटू न्यूमोकोकस है ! के संक्रमण द्वारा होता है ! यह प्रायः नवजात शिशुओं ( 5 वर्ष से कम) को ही होता है ! लेकिन 5 वर्ष के बाद नवजात शिशु में यह रोग होने की संभावना कम हो जाती है ! वैसे यह रोग नवजात शिशु, जवान व्यक्ति और सीनियर सिटीजन किसी को भी हो सकता है ! इसमें फेफड़ों की कोशिकाओं में इंफेक्शन की वजह से सूजन होती है ! जिसके कारण…

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Gall stone (Cholelithiasis) : पित्त की पथरी के कारण, लक्षण और बचाव !

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पित्ताशय या पित्त प्रणाली में किसी भी कारण से सोथ ! अथवा पित्त की निस्रण गति के अवरुद्ध ! हो जाने के कारण पित्त में पथरी (gall stone) बन जाती है ! कुछ शोधों से पता चला है ! कि कुछ रोगों के कीटाणु जैसे टाइफाइड के कीटाणु ! पित्त की पथरी के लिए एक सुगम कारक होते हैं ! इसके अलावा बि कोलाई (B Coli) नामक कीटाणु भी ! इस रोग का विशेष कारण माना जाता है ! यह पथरी पित्ताशय में साधारण रेत के कणों के आकार से लेकर ! 1 से 2 इंच लंबी और 1 इंच तक चौड़ी हो सकती है ! यह रोग अक्सर शारीरिक परिश्रम ना करने पर ही होता है !…

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