Masturbation in hindi- हस्तमैथुन के फायदे और नुकसान क्या हैं इसे कैसे नियंत्रित करें !

Masturbation in hindi- हस्तमैथुन के फायदे और नुकसान क्या हैं इसे कैसे नियंत्रित करें !

प्रसिद्ध पाश्चात्य विद्वान वेंचर ने इसे भविष्य का प्रेम जीवन का बीज माना है ! साथ ही उन्होंने इसे स्वास्थ्यकर प्रकृति का सूत्रपात कहा है ! यह एक एडल्ट सामग्री होने के कारण इस पर ! खुलकर चर्चा नहीं होती हैं ! जबकि 100 में से 99 युवक और 90 युवती मास्टरबेशन करते हैं ! वह जहां अपने लिंगों की घर्षण क्रिया करके उतेजना को प्राप्त करते हैं ! हस्तमैथुन masturbation करने से तनाव से मुक्ति मिलती है शरीर को रिलैक्स फील होता है ! एकाग्र चित्त होने की क्षमता एवं याददाश्त बढ़ती है !

बाइिबल के अनुसार सबसे पहले ओनन ने हस्तमैथुन का खोज किया ! हस्तमैथुन का अंग्रेजी नाम ओननिजम है जो ओनन से ही बना है ! ग्रीक रोमन के द्वारा यह दोषारोपण किया जाता है कि उन्होंने हस्तमैथुन की क्रिया का आविष्कार किया ! खोज कुछ इस प्रकार हुई की राजा पैन की रानी बहुत सुंदर थी ! रानी की मृत्यु के बाद राजा बहुत उदास हुए !

थोड़े दिनों बाद जब वे कामवासना से बहुत परेशान हुए ! तब उनके लिए हस्तमैथुन की क्रिया का आविष्कार किया गया ! सच तो यह है कि मानसिक व्यभिचार सब करते हैं कुछ धर्मों में इसे पाप माना जाता है !

क्या सभी करते हैं हस्तमैथुन (Masturbation)

एक बार महात्मा मसीह के पास कुछ लोग एक व्यभिचारिणी स्त्री को लाकर बोले यदि तू परमेश्वर का पुत्र है ! तो इस स्त्री को पत्थरों से मार डालने की आज्ञा दें क्योंकि इसने पाप किया है ! तो उन्होंने उन लोगों से कहा यदि इसने पाप किया है तो यह अवश्य पत्थरों से मारने योग्य है ! पर तुम लोगों में से जिस किसी ने मानसिक व्यभिचार ना किया हो वह इसे पत्थर मारे ! इतना कह मसीह ने अपनी आंखें बंद कर ली थोड़ी देर बाद उन्होंने आंखें खोल कर देखा तो वहां कोई मनुष्य न था ! वे सभी लोग लज्जित होकर लौट रहे थे ! इस उदाहरण से स्पष्ट है कि मानसिक व्यभिचारी सभी हैं ! कोई कम है तो कोई अधिक है !

हस्तमैथुन के फायदे -Benefites of masturbation !

हस्तमैथुन करने के नुकसान की अपेक्षा फायदे अधिक है ! इसे करने से मानसिक तनाव में कमी आती है ! क्योंकि इससे फील गुड न्यूरो केमिकल अर्थात डोपामाइन का सेक्रेशन होता है ! और शरीर में रिलैक्स फील होता है एवं याददाश्त में बढ़ोतरी होती है ! अनिद्रा की समस्या दूर होती है ! योन संचारी रोगों जैसे एचआईवी एड्स, ट्रांसमिटेड डिजीज से छुटकारा मिलता है ! साथ ही स्वप्नदोष जैसी समस्या भी दूर होती है ! साल 2015 के एक अध्ययन में पाया गया कि जो व्यक्ति सप्ताह में एक या दो बार हस्तमैथुन करता है ! उनमें प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना 20% तक कम हो गई ! इसका मतलब था कि कुछ हानिकारक पदार्थ जो शरीर में जमा होते रहते हैं ! उन्हें बाहर निकलने से शरीर को फायदा होता है !

साथ ही लड़कियों को उप्रयुक्त फायदों के साथ साथ हस्तमैथुन masturbation करने से पेल्विक मसल्स मजबूत होती है ! जो उनके जननांगों को मजबूती प्रदान करती है इतना ही नहीं सप्ताह में एक या दो बार हस्तमैथुन करने से पीरियड के समय होने वाला दर्द कम होता है !

हस्तमैथुन के नुकसान !

युवावस्था के समय जब हस्तमैथुन की शुरुआत का समय होता है ! तब कुछ लोग इसे अत्यधिक मात्रा में करने लगते हैं जैसे दिन में कई बार हस्तमैथुन करना अर्थात उन्हें हस्तमैथुन की लत लग चुकी होती है ! हस्तमैथुन जब तक कम मात्रा में करते हैं तब तक वह हानिकारक नहीं होता है ! हालांकि वैसे आम धारणा है की अत्यधिक हस्तमैथुन करने से हानिकारक हो सकता है ! जबकि हस्तमैथुन करने के कोई विशेष हानि नहीं है ! इसे अत्यधिक मात्रा में करने पर शुक्राणुओं /Sperm की संख्या में कमी हो सकती है ! जिसका असर पिता बनने की क्षमता पर पड़ता है

लिंग में सूजन हो सकती है लिंग की मांसपेशियां टूट सकती हैं आत्मग्लानि का बोध हो सकता है हाथ पैरों में कंपन हो सकती है शरीर कमजोर हो सकता है लिंग में उत्तेजना की कमी हो सकती है ! हो सकती है ! हालांकि यह सभी लक्षण अत्यधिक हस्तमैथुन करने से हो सकते हैं ! परंतु हफ्ते में एक या दो बार हस्तमैथुन करने से कोई हानि नहीं होती है ! बल्कि इसके अपने फायदे हैं !

क्या हस्तमैथुन सामान्य है !

हस्तमैथुन करने के बाद जब तक आप अच्छा और स्वस्थ महसूस करते हुए आनंद लेते हैं तब तक तो यह सामान्य है ! स्त्रियां भी आनंद प्राप्ति के लिए जब तक हस्तमैथुन करती है तब तक यह सामान्य है ! इसके द्वारा दोनों स्त्री और पुरुष अपने वैवाहिक जीवन के लिए अनुभव प्राप्त कर सकते हैं ! कि हमें किस प्रकार से आनंद उठाने में मदद मिल सकती है ! जब तक आप इस का आनंद उठाते हैं तब तक तो यह सामान्य है ! परंतु लत लग जाने के बाद इसे सामान्य नहीं कहा जा सकता !

हस्तमैथुन को कैसे करें नियंत्रित- prevention of masturbation !

हस्तमैथुन करने के लिए विचार भावनाएं व्यवहार परिस्थितियों को आप स्वयं ट्रिगर करते हैं ! जिसके परिणाम स्वरूप हस्तमैथुन का प्रादुर्भाव होता है ! सभी व्यक्तियों में ट्रिगर भिन्न-भिन्न प्रकार के हो सकते हैं जिसमें आकर्षण गलत सामग्री देखना गलत सामग्री पढ़ना शरीर के अंगों का दिखना शामिल हो सकता है ! या कुछ लोगों में ध्वनियां गंध या अन्य संवेदी विचार शामिल हो सकते हैं आप इन आवेग के ट्रिगर को कम करके इसे नियंत्रित कर सकते हैं ! अपने सेलफोन से गलत सामग्री की सभी वीडियोस इमेज को डिलीट कर सकते हैं ! खराब विचार आते ही अपने मन को एक सुगम कारक (योग) की तरफ मोड सकते हैं ! इसके अलावा हर समय अपने आप को किसी काम में व्यस्त रखें ! एवं एकांतवास में ना रहते हुए संयुक्त परिवार में रहने की कोशिश करें !

आपको ना केवल गलत सामग्री स्वाभाविक रूप से खराब यादें दिलाती हैं बल्कि कोई वस्तु जो आपको हस्तमैथुन की तरफ ले जाती हैं ! उन सभी ऑब्जेक्ट्स को दूर रखें या छिपाएं जो आपको ट्रिगर करती हैं ! जैसे कंडोम स्नेहन जेली या लोशन, वाइब्रेटर और कोई भी चीज जो आपको हस्तमैथुन के विचारों को जन्म दे सकता है ! ऐसी चीजों को अपने आप से दूर रखें मन को प्रसन्न रखने की कोशिश करें ! अगर आप छात्र हैं तो ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई पर ध्यान लगाएं !