Surya namaskar steps सूर्य नमस्कार के 12 चरण शरीर रखेगा फिट

प्राचीन ऋषि भारत का मानना ​​था कि हमारे शरीर के कई अंग अलग-अलग हैं ! (देवताया दैवीय आवेग) सौर जाल जो नाभि में स्थित होता है ! वह हमारे शरीर का केंद्रीय बिंदु होता है ! सोलर प्लेक्सस को शरीर के दूसरे अंग मस्तिष्क के रूप में भी जाना जाता है जो सूर्य से जुड़ा होता है ! ऋषियों के अनुसार नियमित रूप से सूर्य नमस्कार (Surya namaskar steps) का अभ्यास करने से ये सौर जाल बढ़ सकते हैं ! और इससे व्यक्ति की रचनात्मक शक्ति और सहज क्षमताओं में वृद्धि होती है ! और डिप्रेशन जैसी बीमारियों से छुटकारा मिलता है ! यह घुटनों में चिकनाई देता है और जोड़ों को रक्त की आपूर्ति बढ़ाता है ! पूरे शरीर को स्ट्रेच और मजबूत भी करता…

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