Liver function in Hindi लिवर के कार्य जिगर रोगों के लक्षण एवं टेस्ट के प्रकार

Liver function in Hindi लिवर के कार्य जिगर रोगों के लक्षण एवं टेस्ट के प्रकार

Liver function in Hindi: Liver Function टेस्ट क्या होता है ! लिवर Function Test का फायदा क्या-क्या होता है? Liver Function Test कब होता है ! लिवर टेस्ट कितने प्रकार का होता है इत्यादि बिषय पर यह लेख समर्पित है !

दोस्तों आज का आर्टिकल बहुत ही खास होने वाला है ! क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आप Liver function test in hindi के बारें में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे !

इस जाँच के द्वारा अगर कोई लिवर की बीमारी होती है तो उसके बारें में पता चल जाता है !

चलिए जानते है कि किन किन स्तिथि में लिवर फंक्शन Test होता है !

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Liver Function Test क्या होता है?

Liver Function Test जिसे हम शॉर्ट फॉर्म में LFT के नाम से जानते है ! अगर कोई डॉक्टर आपको LFT टेस्ट करने को बोले तो आप समझ जाएँ कि वह डॉक्टर Liver Function Test करने को बोल रहा है !

Liver Function Test एक प्रकार का ब्लड टेस्ट होता है ! इस टेस्ट में हमारे खून की जांच होती है !

हमारे ब्लड का विभिन्न प्रकार प्रकार का टेस्ट किया जाता है उन्ही टेस्ट में से एक टेस्ट लिवर फंगक्शन टेस्ट होता है !

इस टेस्ट से पता लगाया जाता है कि हमे किसी प्रकार की कोई बीमारी तो नहीं है न ! इस टेस्ट की मदद से हम लिवर से संबंधित बीमारियाँ, सूजन, लिवर के कार्य की कमी, पीलिया को पता कर सकते है !

जैसा कि आपको पता है कि हमारे शरीर में लिवर का कितना महत्वा है ! लिवर हमारे शरीर में एंजाइम, प्रोटीन, इत्यादि बनाने में मदद करता है !

लिवर का क्या कार्य है? Liver function in Hindi

यकृत (लिवर) रक्त में अधिकांश रासायनिक स्तरों को नियंत्रित करता है ! और पित्त नामक उत्पाद को उत्सर्जित करता है ! यह लीवर से अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालने में मदद करता है ! पेट और आंतों से निकलने वाला सारा खून लीवर से होकर गुजरता है !

यकृत इस रक्त को संसाधित करता है और पोषक तत्वों को संतुलित करता और बनाता है ! और दवाओं को ऐसे रूपों में चयापचय करता है जो शरीर के बाकी हिस्सों के लिए उपयोग करना आसान होता है या जो गैर-विषैले होते हैं ! जिगर 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्यों को अपने अन्दर समाहित करता है !

लिवर रोगो के प्रकार Types of liver disease in Hindi

हेपेटाइटिस : यकृत की सूजन, आमतौर पर हेपेटाइटिस ए, बी और सी जैसे वायरस के कारण होती है। हेपेटाइटिस के गैर-संक्रामक कारण भी हो सकते हैं, जिसमें ज्यादा शराब पीना, ड्रग्स, एलर्जी या मोटापा शामिल हैं।
सिरोसिस : किसी भी कारण से लीवर को लंबे समय तक नुकसान होने से लिवर सिरोसिस नामक स्थायी निशान पड़ सकता है। इसके बाद लीवर ठीक से काम नहीं कर पाता है।
लिवर कैंसर : लीवर कैंसर सबसे आम प्रकार है, हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा, लगभग हमेशा सिरोसिस मौजूद होने के बाद होता है।
जिगर की बिफलता : जिगर की विफलता के कई कारण होते हैं जिनमें संक्रमण, आनुवंशिक रोग और अत्यधिक शराब पीना शामिल हैं।
जलोदर : सिरोसिस के परिणाम के रूप में, यकृत पेट में तरल पदार्थ (जलोदर) का रिसाव करता है, जिसके कारण पेट विकृत और भारी हो जाता है।
पित्ताशय की पथरी : यदि पित्त नली में पित्त पथरी यकृत से बाहर निकलने वाली पित्त नली में फंस जाती है, तो हेपेटाइटिस और पित्त नली का संक्रमण (कोलांगाइटिस) हो सकता है।
हेमोक्रोमैटोसिस : हेमोक्रोमैटोसिस लोहे को यकृत में जमा करने की अनुमति देता है, इससे लिवर को नुकसान पहुंचता है। फिर आयरन पूरे शरीर में जमा होने लग जाता है, जिससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।
प्राइमरी स्क्लेरोजिंग हैजांगाइटिस : यह अज्ञात कारणों से होने वाली एक दुर्लभ बीमारी, प्राइमरी स्क्लेरोजिंग हैजांगाइटिस के कारण लीवर में पित्त नलिकाओं में सूजन और निशान पड़ जाते हैं।
प्राथमिक पित्त सिरोसिस : इस दुर्लभ विकार में, एक अस्पष्ट प्रक्रिया धीरे-धीरे यकृत में पित्त नलिकाओं को नष्ट कर देती है। और स्थायी लीवर स्कारिंग (सिरोसिस) अंततः विकसित होता है। Liver Function in hindi,

Liver Function Test क्यों होता है?

लिवर हमारे शरीर एक महत्वपूर्ण ऑर्गन है ! यह हमारे शरीर के लिए प्रोटीन, एंजाइम, इत्यादि बनाता है ! और टाक्सिक पदार्थ को डीटोक्सिकफ़िकेशन करके उन्हे बाहर निकाल देता है !

इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि लिवर हमारे शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है !

अगर किसी बीमारी के कारण हमारा लिवर काम करना बंद कर दें तो यह एक बड़ी समस्या हो जाएगी ! इसलिए समय-समय पर Liver Function Test की आवस्यकता होती है !

इससे हम पता कर सकते है कि हमारे लिवर में कोई समस्या तो नहीं है ! अगर इस टेस्ट में हमे कोई बीमारी मिलती है तो हम जल्द-से-जल्द उस बीमारी का इलाज कर सकते है !

इसलिए हमे कुछ समय के अंतराल में Liver Function Test और अन्य टेस्ट की आवश्यकता पड़ती है ! जिससे द्वारा हम हमारा शरीर स्वस्थ रख सकते हैं !

Liver Function Test कब किया जाता है

अब तक मैंने आपको बताया कि लिवर फंगक्शन टेस्ट क्या होता है? Liver Function Test क्यों किया जाता है ! अब यह सवाल आता है कि लिवर फंगक्शन टेस्ट कब किया जाता है !

अगर आपको लिवर से संबंधित कोई भी बीमारी है और आप उस बीमारी का इलाज करवा रहे है ! तो अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखाई देते है तो आप एक बार जरूर से लिवर फंगक्शन टेस्ट करवाएँ !

  • हमेशा कमजोरी जैसा महसूश होना
  • शरीर के जगह-जगह भागों का पीला पड़ना
  • हमेशा पेट दर्द करना
  • पीला पेशाब होना
  • हाथ-पाँव फूल जाना
  • चक्कर का आना
  • भूख का काम लगना
  • भोजन न पचना

तो ये कुछ लक्षण थे ! अगर आपको भी ये सभी लक्षण दिखाई दे रहे है तो आप अपना लिवर फंगक्शन टेस्ट और ब्लड टेस्ट जरूर से करवाएँ ! ताकि बीमारी का पता लगाया जाएँ और जल्द-से-जल्द उसका इलाज ढूंढा जाएँ !

लिवर टेस्ट के प्रकार Types of liver test in Hindi

1: ब्लड टेस्ट –

लीवर फंक्शन पैनल टेस्ट : लीवर फंक्शन पैनल यह जांचता है कि लीवर कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है और इसमें कई अलग-अलग रक्त परीक्षण होते हैं।
ALT (अलानाइन एमिनोट्रांस्फरेज़) : एक ऊंचा ALT हेपेटाइटिस सहित किसी भी कारण से लीवर की बीमारी या क्षति की पहचान करने में मदद करता है।
AST (एस्पार्टेट एमिनोट्रांस्फरेज़) : एएलटी के साथ, एएसटी जिगर की क्षति की जांच करता है।
क्षारीय फॉस्फेट : यकृत में पित्त-स्रावित कोशिकाओं में क्षारीय फॉस्फेट मौजूद होता है; यह हड्डियों में भी होता है। उच्च स्तर का मतलब अक्सर यकृत से पित्त का प्रवाह अवरुद्ध होता है।
बिलीरुबिन : उच्च बिलीरुबिन का स्तर लीवर की समस्या का सुझाव देता है जैसे कि पीलिया।
एल्बुमिन : कुल प्रोटीन स्तर के हिस्से के रूप में, एल्ब्यूमिन यह निर्धारित करने में मदद करता है कि लीवर कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है।
अमोनिया : जब लीवर ठीक से काम नहीं कर रहा होता है तो खून में अमोनिया का स्तर बढ़ जाता है।
हेपेटाइटिस ए परीक्षण : यदि हेपेटाइटिस ए का संदेह है, तो डॉक्टर हेपेटाइटिस ए वायरस का पता लगाने के लिए यकृत के साथ-साथ एंटीबॉडी का भी परीक्षण करेगा।
हेपेटाइटिस बी परीक्षण : आपका डॉक्टर यह निर्धारित करने के लिए एंटीबॉडी स्तरों का परीक्षण कर सकता है कि क्या आप हेपेटाइटिस बी वायरस से संक्रमित हैं।
हेपेटाइटिस सी परीक्षण : यकृत की जांच के अलावा, रक्त परीक्षण यह निर्धारित कर सकते हैं कि क्या आप हेपेटाइटिस सी वायरस से संक्रमित हैं।
प्रोथ्रोम्बिन टाइम (पीटी) : प्रोथ्रोम्बिन टाइम, या पीटी, आमतौर पर यह देखने के लिए किया जाता है कि क्या कोई ब्लड थिनर वार्फरिन (कौमडिन) की सही खुराक ले रहा है। यह रक्त के थक्के जमने की समस्या की भी जाँच करता है।
आंशिक थ्रोम्बोप्लास्टिन समय (पीटीटी) : रक्त के थक्के जमने की समस्या की जांच के लिए एक पीटीटी किया जाता है।

2: इमैजिन टेस्ट –

अल्ट्रासाउंड : पेट का अल्ट्रासाउंड कई यकृत स्थितियों के लिए परीक्षण कर सकता है, जिसमें कैंसर, सिरोसिस या पित्त पथरी की समस्याएं शामिल हैं।
सीटी स्कैन (कंप्यूटेड टोमोग्राफी) : पेट का सीटी स्कैन लीवर और पेट के अन्य अंगों की विस्तृत तस्वीरें देता है।
लिवर बायोप्सी : लिवर बायोप्सी आमतौर पर किसी अन्य परीक्षण के बाद की जाती है, जैसे कि रक्त परीक्षण या अल्ट्रासाउंड, यह लिवर की संभावित समस्या का संकेत देता है।
जिगर और प्लीहा स्कैन : यह परमाणु स्कैन फोड़े, ट्यूमर और अन्य यकृत समस्याओं सहित कई स्थितियों का निदान करने में मदद के लिए रेडियोधर्मी सामग्री का उपयोग करता है।

लिवर फंगक्शन टेस्ट के दौरान ध्यान देने योग्य बातें Liver function in Hindi

अगर आप अपना लिवर फंगक्शन टेस्ट करवाना चाहते है तो कुछ बातों का जरूर ध्यान दें ! वैसे तो आपको डॉक्टर पूरी जानकारी दे देंगे की ब्लड सैम्पल कैसे देना होता है ! कुछ अन्य टिप्स निचे लिस्टेड हैं !

  • ब्लड सैम्पल देने से पूर्व हमे कोई भोजन या किसी भी प्रकार के खाने का सेवन नहीं करना चाहिए ! खाली पेट ब्लड सैम्पल देना होता है ! जब हम खाली पेट ब्लड सैम्पल देते है तो इससे इग्ज़ैक्ट बीमारी का पता लग जाता है !
  • टेस्ट करवाने से पहले भूलकर भी पानी का सेवन न करें !
  • अगर आप किसी भी बीमारी की दवा खाते है तो जब तक ब्लड सैम्पल न दे दें तब तक उस दवा को न खाएँ !

तो ये कुछ बातें है जो कि लिवर फंक्शन टेस्ट के दौरान जरूर ध्यान में रखना चाहिए !

Liver Function Test के बाद क्या होता है? Liver function in Hindi

सबसे पहले डॉक्टर आपके हाथ में से ब्लड का सैम्पल लेते है ! उसके बाद ब्लड सैम्पल को जाँच के लिए पैथोलॉजी में भेज दिया जाता है ! जहाँ जाँच की प्रक्रिया शुरू हो जाती है !

  • ब्लड निकलने की वजह से आपको थोड़ी कमजोरी महसूस हो सकती है ! इसलिए ब्लड सैम्पल देने के बाद कुछ मिनट के लिए वहीं आराम करें !
  • ब्लड सैम्पल देने के बाद आप रोजाना की तरह कार्य कर सकते है !
  • अब आपको अपने LFT परिणाम का इंतेजार करना है ! अगर आपकी रिपोर्ट नॉर्मल आती है तो आपको कोई भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है ! आपका लिवर अच्छे से काम कर रहा है !
  • अगर आपको परिणाम अच्छा नहीं आता है तो आपको और अन्य टेस्ट और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का इस्तेमाल करना होता है !
  • लिवर फंगक्शन टेस्ट रिजल्ट दो प्रकार का होता है – पहला नॉर्मल और दूसरा एबनॉर्मल !
  • नॉर्मल रिजल्ट में आपके लिवर में कोई भी समस्या नहीं होती है ! और आपको और अन्य दूसरी जांच नहीं करवाना होता है !
  • वहीं अगर आपकी रिपोर्ट एबनॉर्मल आती है तो आपको डॉक्टर द्वारा बताएँ गए और अन्य टेस्ट करवाना होता है !
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQs in Hindi

Q1. लिवर फंगक्शन टेस्ट क्यों किया जाता है?

Ans. इस टेस्ट की मदद से हमारे लिवर में हुए रोगों के बारें में पता लगाया जाता है !

Q2. लिवर की जाँच कैसे होती है?

Ans. लिवर फंक्शन टेस्ट बायोप्सी प्रोसेस से किया जाता है !

Q3. लिवर में सूजन आने के क्या कारण है?

Ans. गलत खान-पान और गलत लाइफस्टाइल की वजह से हमारे लिवर में सूजन आता है ! लिवर फंक्शन टेस्ट की मदद से हम लिवर से जुड़ी अन्य बीमाइयों का पता लगा सकते है !

Q4. लिवर खराब होने की पहचान क्या है?

Ans. लिवर खराब होने के लक्षण कुछ इस प्रकार है – ऊलती होना, हमेश पेट दर्द करना, भोजन का न पचना, दस्त होना, वजन का घटना, बिना किसी चोट के हड्डियों का दर्द करना, इत्यादि ! इस आर्टिकल में ऊपर Liver function test लक्षण के बारें में डिटेल से संदर्भित है !

Q5. फाइब्रोस्कैन टेस्ट क्या है?

Ans. यह जांच अल्ट्रा साउन्ड की मदद से की जाती है ! यह टेस्ट बहुत ही फास्ट होता है ! फाइब्रोस्कैन टेस्ट मात्र 10 मिनट में पूरा हो जाता है !
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