What is influenza : इनफ्लुएंजा या फ्लू के कारण लक्षण और उपचार !

सर्दियों के दिनों में या सर्दी गर्मी के परिवर्तन के समय यह रोग अधिक हुआ करता है यह एक प्रकार के दंडाकार वायरस के द्वारा होता है ! जिसका नाम बेसिलस इन्फ्लूएंजा है इसे influenza- a के नाम से भी जाना जाता है ! इनफ्लुएंजा के वायरस व्यक्ति के सलाइवा ( लार ) में होते हैं ! जो आमतौर पर दूषित वस्त्रों और छिंकने खांसने पर हवा द्वारा फैलता है ! नजला होना एकाएक 103 डिग्री फारेनहाइट तेज बुखार ! सिर दर्द कमजोरी कमर और हड्डियों में दर्द ! कंठ और मुंह में जलन तथा तेज सूखी खांसी के साथ प्रकट होता है ! सिर दर्द शरीर में दर्द सर्दी खांसी छींक अवसाद हरारत और शरीर गर्म होना इत्यादि ! इस रोग के पूर्व लक्षण…

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भारत में कोरोना वायरस की दवा क्या है,और कैसे होती है टेस्टिंग !

भारतीय चिकित्सा शोध परिषद ( icmr ) के वैज्ञानिकों की मानें तो जितने भी मरीज भारत में कोरोना वायरस के मिले हैं ! उन सभी वायरस की संरचनाएं काफी हद तक एक समान है ! जबकि बाकी अन्य वायरस मनुष्यों में एक से दूसरे व्यक्ति में पहुंचते समय अपनी संरचनाओं में बदलाव करते हैं ! जैसा कि इन्फ्लूएंजा के वायरस एक दूसरे व्यक्ति में पहुंचते समय अपनी संरचनाओं में बदलाव करते हैं ! जिसे म्यूटेशन कहते हैं ! देखा जाए तो दिसंबर के आखिरी सप्ताह से लेकर अब तक 3 महीने की अवधि में वुहान और भारत में कोरोना वायरस की संरचनाएं लगभग एक समान है ! आईसीएमआर के विशेषज्ञ डॉ गंगाखेड़कर के अनुसार बुहान में मिले मरीज ! और भारत में मिले मरीजों के…

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Typhoid fever : मियादी बुखार के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार !

Typhoid fever :  मियादी बुखार के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार !
Blood sample with typhoid positive

टाइफाइड बुखार को मियादी बुखार भी कहते हैं ! यह सालमोनेला बेसिलस टाईफोसिस नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है ! Typhoid fever in hindi के बैक्टीरिया अधिकतर रोगी के मल या यूरिन द्वारा शरीर से बाहर निकलते हैं ! यहां से यह किसी प्रकार से या मक्खियों द्वारा खाने पीने की चीजों में पहुंचते हैं ! या कुआं और तालाबों के पानी में कीड़ों के पहुंचने से वह पानी दूषित हो जाता है ! और इन्हीं दूषित खाने पीने की चीजों का प्रयोग करने से मनुष्य बीमार हो जाता है ! इसी तरह यह बीमारी फैला करती है ! इस बीमारी के बैक्टीरिया स्वस्थ शरीर में पहुंचने के 2-3 सप्ताह बाद इस रोग के लक्षण आते हैं ! इस बीमारी के हो जाने के…

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Pneumonia in hindi : निमोनिया के कारण लक्षण और बचाव !

फेफड़ों के तंतुओ के प्रदाह को निमोनिया Pneumonia in Hindi कहते हैं ! यदि एक फेफड़े पर निमोनिया हो तो उसे सिंगल निमोनिया कहते हैं ! और यदि दोनों फेफड़ों पर रोग का हमला हो तो उसे डबल निमोनिया कहते हैं ! यह एक बैक्टीरिया जिसका नाम स्ट्राइपटू न्यूमोकोकस है ! के संक्रमण द्वारा होता है ! यह प्रायः नवजात शिशुओं ( 5 वर्ष से कम) को ही होता है ! लेकिन 5 वर्ष के बाद नवजात शिशु में यह रोग होने की संभावना कम हो जाती है ! वैसे यह रोग नवजात शिशु, जवान व्यक्ति और सीनियर सिटीजन किसी को भी हो सकता है ! इसमें फेफड़ों की कोशिकाओं में इंफेक्शन की वजह से सूजन होती है ! जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत…

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Gall stone (Cholelithiasis) : पित्त की पथरी के कारण, लक्षण और बचाव !

पित्ताशय या पित्त प्रणाली में किसी भी कारण से सोथ ! अथवा पित्त की निस्रण गति के अवरुद्ध ! हो जाने के कारण पित्त में पथरी (gall stone) बन जाती है ! कुछ शोधों से पता चला है ! कि कुछ रोगों के कीटाणु जैसे टाइफाइड के कीटाणु ! पित्त की पथरी के लिए एक सुगम कारक होते हैं ! इसके अलावा बि कोलाई (B Coli) नामक कीटाणु भी ! इस रोग का विशेष कारण माना जाता है ! यह पथरी पित्ताशय में साधारण रेत के कणों के आकार से लेकर ! 1 से 2 इंच लंबी और 1 इंच तक चौड़ी हो सकती है ! यह रोग अक्सर शारीरिक परिश्रम ना करने वालों को ही होता है ! पित्त की पथरी होने पर शुरू…

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